Monday, 10 June 2019










जो हो चुका है वह हो चुका है |आप इसके बारे में क्या सोचते हो , आप इसके बारे में क्या फील करते है , आप इसका क्या करते है यह सब आप पर निर्भर करता है |ऊदास होने के बहुत से कारण हो सकते है फिर भी आप वास्तविक आशा पूर्ण चुनाव कर सकते है | 
सच्ची  आशा कोई खाली कल्पना नहीं होती | यह एक निर्णय होता है इसके बारे में कि आगे आप कैसे मूव करेंगे| वास्तविक आशान्वित होने का मतलब होता है कि आप अपने प्रयासों से अपने  लक्ष्य को  पूर्ण करोंगे|

 परिस्तिथियाँ परिवर्तित होती है और इस परिवर्तन और उसकी दिशा को आप कि आशा प्रभावित् कर सकती है| आशा, इच्छा से बहुत बलवान होती है | जिन्दगी में आप को कभी कभी बहुत ही विकट परिस्थितियां आ जाती है ,आप आशा कि शक्ति को सदा अपने पास  रखे और इसके सहारे आप जिन्दगी कि विकट समस्याओं कि चुनोतियों को अचीवमेंट में बदल सकते है |

आप जितने कॉंफिडेंट है उससे जयादा कॉंफिडेंट होने का मादा रखते है |आप का सेल्फ डाउट उतना गहरा नहीं होता जिंतना सोच लिया जाता है |आप को अपने पर ज्यादा सक्त होने कि जरूरत नहीं है| अपने संदेहयो को जाने दो और कॉंफिडेंट को उसकी कि जगह लेने दो| आपने कभी यह मह्सूह किया है या नहीं पर आप एक एचीवर है |

जिंदगी कभी कभी हमें हेल्पलेस बना देती है पर सच मानिये आप उन लोगो में से है जो चीजों को पूरा करने के रास्तो को खोज लेते हो | यह आपका घमंड नहीं है कि आप अपने आप पर भरोसा करते है बल्कि यह स्टार्टिंग पॉइंट है  लाइफ को बेहतर बनाने का|सच्चाई यह है कि आप कुशल, सम्प्पन एवं अनुभवी है.|


Sunday, 2 June 2019

मित्र का चयन





                   मित्रता सही लोगो के साथ करना चाहिये | हमें उन लोगो से जुड़ना चाहिये जिनके विचार सकारात्मक एवं प्रेरणादायक हो | इस तरह का सुझाव बहुत लोगों ने आपको बहुत बार दिया होगा,  पर मैं आपसे अनुरोध करूँगा कि इस विचार को बिल्कुल भी नज़रंदाज़ न करें | 
                          जब बात मित्र बनाने की हो तो हमें बहुत ज्यादा सोच समझ कर मित्र को चुनना चाहिये क्योंकि गलत मित्र आपके भविष्य के निर्णयों को गलत दिशा दे सकता है | अपना समय ऐसे मित्रों को बनाने में व्यर्थ नहीं करना चाहिये जो आपको गर्त में ले जाएँ | एक सही मित्र अपने प्रेरणादायक विचारों से आपको सही दिशा दे सकता है , यहाँ मैं यह इसलिए कह रहा हूँ कि आप कितने ही सकारात्मक क्यों न हो पर लोगों के नकारात्मक विचारों का प्रभाव आप पर पड़ता ही है |  
                         अपने विचारों को परखें और स्वयं से जो हम नकारात्मक बात कर रहे हैं उनको सकारात्मक और प्रेरणादायक विचारों में बदलने की  कोशिश करें | हम लगातार सोचते रहते है और स्वयं से बात करते रहते है अत: ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने विचारों को परखते रहें | हमें जानबूझकर सकारात्मक बात करने की आदत बनानी होगी | ज्यादातर हम ऐसा सोचते है कि हमारे साथ कुछ गलत न हो जबकि हमें ये सोचना चाहिये कि हमारे साथ कुछ अच्छा हो | इस हेतु हमें हमेशा प्रेरणादायक किताबें, सीडी , डीवीडी आदि देखना चाहिये |

धन्यवाद